charo dham Mehandia

साँझ की सुनहरी चादर ओढ़े यह मंदिर मानो भक्ति और सौंदर्य का जीवंत संगम बन गया है।
रंग-बिरंगी नक्काशी, दीपों की चमक और शांत आँगन ऐसा प्रतीत कराते हैं जैसे देवत्व स्वयं धरती पर उतर आया हो।
ऊँचे शिखर आकाश से संवाद करते दिखाई देते हैं, जबकि संगमरमर सा चमकता प्रांगण श्रद्धालुओं के कदमों को भी पवित्र बना देता है।
यह केवल एक मंदिर नहीं,
आस्था की वह सरिता है
जहाँ थका हुआ मन शांति पाता है,
और आत्मा प्रभु के चरणों में ठहर जाना चाहती है।
ढलती शाम की लालिमा में यह दृश्य मानो कह रहा हो—
“जहाँ श्रद्धा बसती है,
वहीं ईश्वर मुस्कुराते हैं।”

Comments

Popular posts from this blog